चन्द्रप्रभा वटी क्या है? चन्द्रप्रभा वटी उपयोग करने के फायदे और नुकसान

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what is chandra prabha vati in hindi: चंद्रप्रभा वटी मूत्रमार्ग के समस्या के लिए एक बहुत ही पावरफुल औषधि है इसके अतिरिक्त यह गर्भाशय से संबंधित रोग के लिए भी उत्तम माना जाता है यानी कि इससे महिला और पुरुष दोनों ही इसका उपयोग आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से कर सकते हैं चंद्रप्रभा वटी के फायदे जाने से पहले  हम चंद्रप्रभा वटी के बारे में जानते हैं चंद्रप्रभा वटी का मतलब है चंद्र + प्रभा चंद्र का अर्थ है चंद्रमा और प्रभा का अर्थ है चमक प्रथम चंद्रप्रभा वटी शरीर को चंद्रमा जैसी चमक, बल ताकत और शक्ति देता है

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चंद्रप्रभा वटी किन चीजों से मिलकर बनता है (ingredients of chandraprabha vati in hindi)

  1. अमला 
  2. देवदारु 
  3. गिलोय 
  4. हल्दी 
  5. नगरमुस्ताका 
  6. पीपल 
  7. तेज़ पत्ता 
  8. अदरक 
  9. दाल चीनी 
  10. वाचा 
  11. शिलाजीत
  12. विडंग  
  13. चिरायता आदि 

चंद्रप्रभा वटी के उपयोग (Chandraprabha vati Uses in hindi)

चंद्रप्रभावटी एक बहुत ही शक्तिशाली और प्राचीन औषधि है। चंद्रप्रभावटी का उपयोग सभी प्रकार के मुत्रविकारो में किया जाता है यानी की आपको किसी भी प्रकार की मूत्र संबंधी समस्या है जैसे पेशाब में जलन, पेशाब का बदला हुए रंग, पेशाब रुक के आना, पेशाब ना आना, बार बार पेशाब आना या के फिर पेशाब करने में कोई और समस्या है तो आप चंद्रप्रभावटी का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन ऐसे ही इंटरनेट पर पढ़ कर उपयोग करना गलत है इसलिए आपको डॉक्टर की सलाह लेना बहुत ही जरूरी है। ऐसे ही अपने मन से लेना सही नहीं है।

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चंद्रप्रभा वटी के फायदे (Benefits of chandraprabha vati in hindi)

  1. चंद्रप्रभा वटी मूत्र संबंधित सभी रोगों को दूर करता है चंद्रप्रभा वटी का उपयोग मुख्यतः मूत्र संबंधी रोगों के लिए ही किया जाता है  यदि आपको आपके पेशाब में जलन, पेशाब का बदला हुए रंग, पेशाब रुक के आना, पेशाब ना आना, बार बार पेशाब आना  जैसे समस्या है तो आयुर्वेदा में चंद्रप्रभा वटी सबसे उत्तम माना जाता है
  2. चंद्रप्रभा वटी की सेवन से  शरीर की शक्ति में वृद्धि होती है यह आपकी थकान को कम करते हैं और शरीर को ताजगी पहुंचाती है
  3. चंद्रप्रभा वटी शरीर के हानिकारक पदार्थों जैसे यूरिया यूरिक एसिड को बाहर निकालती है और इससे आपके गुर्दे का हेल्थ सुधरता है और चंद्रप्रभा वटी कभी भी गुर्दे के पथरी नहीं होने देता।
  4. चंद्रप्रभा वटी गठिया, जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने का कार्य करती है इसमें दर्द निवारक गुण होते हैं यह घुटनों के दर्द के लिए भी उत्तम माना जाता है
  5. चंद्रप्रभा वटी आपके शरीर में किसी भी संक्रमण को फैलने नहीं देता इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक होती है और इसके नियमित सेवन से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाती है जो आपको सभी बीमारियों से बचाता है और आप को ऊर्जा प्रदान करता है
  6. इसमें आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है  आपके शरीर में कभी भी आयरन की कमी नहीं होगी आयरन के अलावा भी इसमें सभी प्रकार के विटमिन एंड मिनरल्स मिले होते हैं

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चंद्रप्रभावटी की सेवन विधि (chandraprabha vati dosage)

आप किसी भी अच्छे ब्रांड का चंद्रप्रभा वटी ले सकते हैं आप 1 दिन में  अधिकतम 2 गोली का सेवन कर सकते हैं जैसे एक गोली सुबह नाश्ता करने के बाद  और एक गोली शाम को खाना खाने के बाद लेकिन चंद्रप्रभा वटी खाने की शुरुआत आप अपनी मर्जी से नहीं करें किसी भी आयुर्वेदिक डॉक्टर की जरूर सलाह लें

चंद्रप्रभा वटी के नुकसान (Side effect of chandraprabha vati in hindi)

वैसे तो चंद्रप्रभा वटी की कोई भी नुकसान नहीं है लेकिन इसमें आयरन की मात्रा बहुत होती है आयरन यानी लोहा तो इसके ज्यादा सेवन से आपको अल्सर जैसी समस्या हो सकती है लेकिन यह बहुत कॉमन बात है पंडित चंद्रप्रभा वटी के उपयोग से कोई भी नुकसान नहीं होते परंतु आप कभी भी इसका सेवन  आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही करें अन्यथा आपको किसी प्रकार की समस्या भी हो सकती है

 और खासकर की प्रेग्नेंट औरत कभी भी चंद्रप्रभा वटी का सेवन स्वयं की मर्जी से ना करें

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